महज वोट देने के अधिकार को जहां लोकतंत्र मान लिया जाए
जहां नेताओ के वादों को निभाने की कोई बाध्यता न हो तो
देश हित और जनहित में ऐसे लोकतंत्र का अंत होना अनिवार्य है
नोटबंदी के समय का एक विडियो याद आ रहा है जिसमें एक मुस्लिम महिला मोदी को गालियां दे रही थी कि मुस्लिम महिलाएं जो कि पर्दे में रहती हैं अपने घरों में रहती हैं उन्हें सड़क पर ले आया मोदी ने बैंक-एटीएम में लाइन लगाने और भीड़ में खड़े होने को मजबूर कर दिया मोदी ने और आज वही मीडिया वाले दिखा रहे हैं कि देखिए कैसे मुस्लिम महिलाएं पूरे देश में सड़कों पर आ कर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं भाई किसने कहा है उनको ये तमाशा करने ? लोग NRC को लेकर रोना रो रहे हैं भाई अभी तो NRC आया ही नहीं जब आयेगा तब की तब सोचना अभी तो CAA आया है इसमें तो किसी ने आपकी नागरिकता नहीं छिना और क्या वाकई आपको ये लगता है कि सरकार 25 करोड़ लोगों को देश से बाहर निकाल देगी या 25 करोड़ लोगों को डिटेन्शन सेंटर में रखा जा सकता है ? ------- मुद्दा ये है कि विपक्षी दलों के पास सरकार को रोकने का कोई वाजिब तरीका है नहीं तो कभी स्टूडेंट तो कभी महिलाओं बच्चियों को आगे करके नपुंसकों की भांति सरकार पर हमला कर रहे हैं कुछ बिकाऊ मीडिया भी इसी में लगे हुए हैं इनका एक मात्र उद्देश्य है देश को अस्थिर करना और सरकार...
Comments
Post a Comment